तनवीर अली हरिद्वार।
नवरात्रि पर अस्मिता फाउंडेशन की अनूठी पहल: SMJN कॉलेज की छात्राओं ने सीखे आत्मरक्षा के गुर, दिया ‘देवी बनें, दयनीय नहीं’ का संदेश, किताबी ज्ञान के साथ जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करना ही सच्ची शिक्षा,
हरिद्वार। छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने, उनमें आत्मविश्वास विकसित करने और विपरीत परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से अस्मिता फाउंडेशन एवं एस.एम.जे.एन. (पी.जी.) कॉलेज, हरिद्वार के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय आत्मरक्षा कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यशाला का मुख्य आकर्षण दक्षिण कोरिया से फर्स्ट रैंक ब्लैक बेल्ट प्राप्त प्रशिक्षक नैना चौहान और अमन राजपूत रहे, जिन्होंने छात्राओं को आत्मरक्षा के व्यावहारिक व प्रभावी गुर सिखाए।
मानसिक सजगता और साहस ही असली सुरक्षा: नीता नय्यर
कार्यक्रम में अस्मिता फाउंडेशन की अध्यक्ष श्रीमती नीता नय्यर ने कहा कि:
“बेटियों की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और सशक्तीकरण ही एक स्वस्थ व प्रगतिशील समाज की वास्तविक बुनियाद है। प्रत्येक छात्रा के भीतर यह विश्वास होना चाहिए कि वह विपरीत परिस्थितियों का साहस के साथ सामना कर सकती है। समाज में ऐसा भयमुक्त वातावरण बनाना जरूरी है, जहां बेटियां स्वतंत्रता से शिक्षा प्राप्त कर अपने सपनों को साकार कर सकें।”
‘देवी बनें, दयनीय नहीं’ — मानसी मिश्रा
फाउंडेशन की संस्थापक एवं सचिव श्रीमती मानसी मिश्रा ने नवरात्रि के पावन अवसर पर छात्राओं से अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने संदेश दिया—‘देवी बनें, दयनीय नहीं’।
उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियां कभी बताकर नहीं आतीं, इसलिए हर बेटी को आत्मरक्षा के बुनियादी तरीकों की जानकारी होनी चाहिए। असहज स्थिति में परिवार, शिक्षकों या सहायता तंत्र (Help Line) से मदद लेने में बिल्कुल संकोच न करें।
किताबी ज्ञान के साथ जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करना ही सच्ची शिक्षा
एस.एम.जे.एन. (पी.जी.) कॉलेज के प्राचार्य प्रो. डॉ. सुनील कुमार बत्रा ने अस्मिता फाउंडेशन के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को जीवन की हर परिस्थिति का सामना करने के लिए सक्षम बनाना है। यह कार्यशाला छात्राओं में साहस और सजगता बढ़ाने की दिशा में एक अत्यंत सार्थक कदम है।
ब्लैक बेल्ट ट्रेनर ने सिखाए व्यावहारिक दांव-पेच
प्रशिक्षण सत्र के दौरान दक्षिण कोरिया से प्रशिक्षित ब्लैक बेल्ट इंस्ट्रक्टर नैना चौहान और अमन राजपूत ने छात्राओं को विषम परिस्थितियों से निकलने, संभावित खतरों को पहचानने तथा अपनी शारीरिक क्षमता का त्वरित उपयोग करने की तकनीकों का डिमॉन्स्ट्रेशन दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि आत्मरक्षा केवल शारीरिक बल नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती और सही समय पर सही निर्णय लेने का नाम है।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे
इस अवसर पर अस्मिता फाउंडेशन की ओर से अध्यक्ष श्रीमती नीता नय्यर, सचिव श्रीमती मानसी मिश्रा, श्रीमती विमलेश गौड़, श्रीमती आरती मेहता, श्रीमती नीरू कौशिक, श्री गौरव काकरान, श्रीमती सुमन अस्थाना सहित कॉलेज के प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।

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