जल संस्थान में संविदा कर्मचारियों का जोरदार प्रदर्शन: 25 माह के बकाया भत्ते और वेतन कटौती को लेकर आर-पार के मूड में संगठन, वार्ताओं के विफल होने पर शुरू हुआ आंदोलन…

तनवीर अली हरिद्वार।

जल संस्थान में संविदा कर्मचारियों का जोरदार प्रदर्शन: 25 माह के बकाया भत्ते और वेतन कटौती को लेकर आर-पार के मूड में संगठन, वार्ताओं के विफल होने पर शुरू हुआ आंदोलन,

​हरिद्वार / संवाद सूत्र:

उत्तराखंड जल संस्थान शाखा (गंगा) में लंबे समय से सीवर योजनाओं में कार्यरत संविदा कर्मचारियों का आंदोलन उग्र होता जा रहा है। संविदा श्रमिक संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर दूसरे दिन भी धरना-प्रदर्शन जारी रखा। कर्मचारियों का स्पष्ट कहना है कि यदि उनकी मांगों का समय पर समाधान नहीं हुआ, तो यह आंदोलन अनिश्चितकाल के लिए जारी रहेगा।

वार्ताओं के विफल होने पर शुरू हुआ आंदोलन

​संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि कर्मचारियों की समस्याओं के निस्तारण के लिए पूर्व में संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई दौर की वार्ताएं की गईं, लेकिन कोई ठोस नतीजा न निकलने के कारण कर्मचारियों को बाध्य होकर धरना-प्रदर्शन की राह चुननी पड़ी। धरने के दूसरे दिन कर्मचारियों ने संस्थान परिसर में नारेबाजी कर अपनी एकजुटता दिखाई, जिसके बाद एक जनसभा आयोजित की गई।

​सभा में उठे प्रमुख मुद्दे और मांगें

​सभा की अध्यक्षता संगठन अध्यक्ष श्री राजकुमार जी ने की तथा संचालन संगठन महामंत्री इमरत सिंह ने किया। सभा को संबोधित करते हुए अध्यक्ष राजकुमार जी ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, प्रदर्शन समाप्त नहीं होगा। संगठन की मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:

  • ​25 माह का बकाया महंगाई भत्ता: माह अक्टूबर-2024 से माह अक्टूबर-2026 तक के 25 माह का संपूर्ण बकाया महंगाई भत्ता (DA) एक साथ तत्काल जारी किया जाए।
  • ​राष्ट्रीय पर्वों के कार्य का भुगतान: वर्ष 2025 एवं 2026 के दौरान कुल 6 राष्ट्रीय पर्वों पर अवकाश के दिन किए गए कार्य का नियमानुसार अतिरिक्त वेतन दिया जाए।
  • ​अवैध वेतन कटौती की वापसी: तीन कर्मचारियों के वेतन से फरवरी माह में अवैधानिक रूप से काटी गई ₹14,000 की राशि का पूर्ण भुगतान किया जाए।
  • EPF व ESI कटौती में गड़बड़ी पर रोक: 18 एम.एल.डी. सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में कार्यरत कर्मचारी राजेश कुमार (उम्र 58 वर्ष) के वेतन से EPF व ESI की कटौती लगातार जारी है, लेकिन संबंधित विभागों में इसे जमा करना बंद कर दिया गया है। संगठन ने मांग की कि कर्मचारी की रोकी गई सभी सुविधाएं तत्काल सुचारू की जाएं।
  • ​अल्टीमेटम: संगठन अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि यदि 26 अक्टूबर 2026 तक सभी मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो धरना-प्रदर्शन अनवरत जारी रहेगा।

    ​धरने में शामिल प्रमुख सदस्य
    ​धरना स्थल पर कर्मचारियों की भारी उपस्थिति रही। इस दौरान संगठन मंत्री जयपाल सिंह, बसंत कुमार, मन्नो देवी, रश्मी देवी, सुमन देवी, रामकुमार, सुरेंद्र कुमार, दीपक प्रधान, शुभम शर्मा, ललित कुमार, संजीव, आदित्य, रोबिन, आदेश, वीरेंद्र पाल, देवेंद्र, मुकेश, नरेंद्र कुमार, धर्मपाल सिंह, रविंद्र, सन्नी, प्रमोद कुमार (ड्राइवर), राजू, बिट्टू, आशीष कुमार, रवि कुमार, अंकित, विकास सैनी, अतुल कुमार और योगेंद्र नाथ सहित कई संविदा कर्मचारी मौजूद रहे।

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