एसपी जीआरपी अरुणा भारती के नेतृत्व में हरिद्वार पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ‘मामा टीटी गैंग’ का पर्दाफाश, 5 शातिर गिरफ्तार; 25 हजार नगद बरामद, 50 हजार किए फ्रीज, मजदूरों की दीपावली रोशन…

तनवीर अली हरिद्वार।

एसपी जीआरपी अरुणा भारती के नेतृत्व में हरिद्वार पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ‘मामा टीटी गैंग’ का पर्दाफाश, 5 शातिर गिरफ्तार; 25 हजार नगद बरामद, 50 हजार किए फ्रीज, मजदूरों की दीपावली रोशन…

​हरिद्वार: एसपी जीआरपी अरुणा भारती के कुशल नेतृत्व और सीओ जीआरपी अनुज के मार्गदर्शन में जीआरपी हरिद्वार पुलिस ने त्योहारी सीजन में यात्रियों को ठगने वाले अंतरराज्यीय ‘मामा टीटी गैंग’ का पर्दाफाश करते हुए 5 शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से पश्चिम बंगाल के गरीब मजदूरों की ठगी गई गाढ़ी कमाई वापस मिलने का रास्ता साफ हो गया है, जिससे उनकी दीपावली फीकी होने से बच गई।

​प्रमुख बिंदु एवं बरामदगी

  • ​गिरफ्तार अभियुक्त: सौरभ, सुमित कुमार, किशन कुमार, जितेंद्र कुमार चौधरी और बंटी कुमार (सभी निवासी बिहार, उम्र 19 से 24 वर्ष)।
  • ​कुल बरामदगी एवं राहत:
    • ​25,000 रुपये नकद।
    • ​वादी का वनप्लस मोबाइल फोन और बैग।
    • ​ठगों द्वारा ट्रांसफर किए गए 50,000 रुपये का बैंक खाता फ्रीज करवाया गया, जो जल्द पीड़ित के खाते में वापस ट्रांसफर होंगे।
  • ​पुलिस टीम: एसएचओ बिपिन चंद्र पाठक, एसआई प्रीति कर्णवाल, एएसआई श्यामसुंदर दास व अन्य पुलिसकर्मी।
  • ​पुरस्कार की घोषणा: एसपी जीआरपी अरुणा भारती द्वारा पुलिस टीम की सराहना करते हुए 2,500 रुपये के ईनाम की घोषणा की गई।

​घटना का विवरण

​दिनांक 10-10-2026 की रात्रि को पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिले के रहने वाले मजदूर बिस्वजीत सौरेन और उनके साथी रंजीत कोरा हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर आसनसोल जाने के लिए कुंभ एक्सप्रेस का इंतजार कर रहे थे। दोनों ने जनरल श्रेणी का टिकट लिया था। इसी दौरान आरोपी शातिरों ने पीड़ितों से बिहारी भाषा में बातचीत कर भरोसे में लिया और झांसा दिया कि “हमारे मामा रेलवे में टीटी हैं” जो आपके जनरल टिकट को एसी थर्ड कोच में बदलवा देंगे।

​पीड़ितों को फर्जी ‘टीटी’ से मिलाकर एसी कोच के फर्जी नियम का बहाना बनाया गया और उनका सामान, मोबाइल फोन, बैग व बैंक खाते का पिन कोड ले लिया गया। इसके बाद आरोपियों ने चकमा देकर पीड़ितों के खाते से 90,500 रुपये निकाल लिए।

​30 घंटे के भीतर कार्रवाई

​घटना की सूचना मिलते ही थाना जीआरपी हरिद्वार में मुकदमा दर्ज किया गया। जीआरपी टीम ने मैनुअल पुलिसिंग, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से महज 30 घंटे के भीतर रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया से पांचों आरोपियों को धर दबोचा। आरोपी बिहार भागने की फिराक में थे।

​“ऐसे लोगों का पकड़ा जाना बेहद जरूरी है, जो गरीबों के खून-पसीने की कमाई चुराते हैं। हमारी टीम ने सराहनीय कार्य किया है और हम जल्द ही फ्रीज की गई धनराशि को पीड़ित के खाते में वापस लौटाएंगे।”

— अरुणा भारती, एसपी जीआरपी

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