उत्तराखंड जल संस्थान शाखा (गंगा) के कर्मचारियों ने अधिशासी अभियंता कार्यालय जगजीतपुर में दिया प्रदर्शन, मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन; 14 अक्टूबर से उग्र आंदोलन की दी चेतावनी, प्रशासन की वादाखिलाफी से बढ़ा कर्मचारियों का आक्रोश…

तनवीर अली हरिद्वार।

उत्तराखंड जल संस्थान शाखा (गंगा) के कर्मचारियों ने अधिशासी अभियंता कार्यालय जगजीतपुर में दिया प्रदर्शन, मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन; 14 अक्टूबर से उग्र आंदोलन की दी चेतावनी, प्रशासन की वादाखिलाफी से बढ़ा कर्मचारियों का आक्रोश,

​हरिद्वार/जगजीतपुर। उत्तराखंड जल संस्थान शाखा (गंगा) में लंबे समय से सीवर योजनाओं पर कार्यरत कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर अधिशासी अभियंता (EE) कार्यालय जगजीतपुर के प्रांगण में जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के बैनर तले एकत्र हुए कर्मचारियों ने संस्थान के अधिकारियों के खिलाफ गहरा आक्रोश व्यक्त किया और अधिशासी अभियंता को अपनी मांगों का एक ज्ञापन सौंपा।

​कर्मचारी संगठन ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि संस्थान द्वारा आगामी दो दिनों के भीतर उनकी न्यायसंगत मांगों का समाधान और भुगतान नहीं किया जाता है, तो वे 14 अक्टूबर 2026 से जगजीतपुर कार्यालय प्रांगण में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर देंगे। संगठन ने चेतावनी दी कि आंदोलन के कारण शहर की सीवर योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव पर पड़ने वाले किसी भी विपरीत प्रभाव की पूरी जिम्मेदारी जल संस्थान के अधिकारियों की होगी।

​कर्मचारियों की 3 प्रमुख मांगें:

  1. ​महंगाई भत्ते और एरियर का तुरंत भुगतान: अक्टूबर 2024 से मार्च 2025 तथा अक्टूबर 2025 से मार्च 2026 तक के न्यूनतम वेतन के महंगाई भत्ते के बकाया एरियर का तुरंत भुगतान किया जाए। साथ ही, अप्रैल 2026 से महंगाई भत्ते की बढ़ी हुई दर ₹518 को प्रतिमाह वेतन में जोड़कर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
  2. ​राष्ट्रीय पर्वों के कार्य का वेतन: वर्ष 2025 और 2026 में राष्ट्रीय पर्वों (अवकाश के दिनों) पर किए गए कार्य के बदले नियमानुसार अतिरिक्त वेतन का भुगतान किया जाए।
  3. ​अवैध रूप से काटे गए वेतन की वापसी: संस्थान द्वारा तीन कर्मचारियों का अवैधानिक तरीके से काटा गया कुल ₹14,000 का वेतन शीघ्र वापस जारी किया जाए।

प्रशासन की वादाखिलाफी से बढ़ा कर्मचारियों का आक्रोश

​प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि इन मांगों को लेकर वे संस्थान के अधिकारियों के साथ चार बार लिखित पत्राचार कर चुके हैं और पांच बार वार्ता की जा चुकी है। इसके बावजूद संस्थान द्वारा हर बार केवल झूठे आश्वासन और खोखले वादे ही दिए गए हैं, धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। बार-बार गुमराह किए जाने से कर्मचारियों का धैर्य अब जवाब दे चुका है।

​प्रदर्शन में सम्मिलित कर्मचारी एवं संगठन के साथी:

​प्रदर्शन के दौरान संगठन से जुड़े अनेक कर्मचारी और प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से शुभम शर्मा, वीरेंद्र पाल, अंकित, नकुल माहेश्वरी, नीरज, ऋषि चौहान, विनोद कुमार, मोनू, गौरव कुमार, सुशील कुमार, अरुण कुमार, रविंद्र, मनोज कुमार, सोनू सैनी, इन्द्र शीला, रविंद्र कुमार, रोबिन, आदेश, राजेश कुमार, राहुल शर्मा, विश्वास, सुमित कुमार, देवेंद्र कुमार, पवन कुमार, विनोद शर्मा, सोनू, कृष्णलाल, राजकमल, सुमन देवी, महेंद्र, सुरेंद्र कुमार, प्रमोद सैनी, विकास, सहेंद्र, मनीष शर्मा, सावन कुमार, जॉनी, गोवर्धन, इमरत सिंह, जयपाल सिंह, राजकुमार और बिट्टू शामिल रहे।

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