हरिद्वार के जमालपुर में हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण का बुल्डोजर का बड़ा एक्शन, बिना नक्शा पास कराए हो रही थी प्लॉटिंग, प्राधिकरण की सख्ती से मचा हड़कंप, अवैध निर्माण करने वालों को खुली चेतावनी, 10 बीघा अवैध कॉलोनी को किया ध्वस्त,

तनवीर अली हरिद्वार।

हरिद्वार के जमालपुर में हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण का बुल्डोजर का बड़ा एक्शन,
बिना नक्शा पास कराए हो रही थी प्लॉटिंग, प्राधिकरण की सख्ती से मचा हड़कंप, अवैध निर्माण करने वालों को खुली चेतावनी, 10 बीघा अवैध कॉलोनी को किया ध्वस्त,

हरिद्वार। धर्मनगरी में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सोमवार को हरिद्वार के राजा गार्डन रोड, तालाब के निकट जमालपुर क्षेत्र में करीब 8 से 10 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी पर बुलडोजर चलाकर उसे पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध रूप से किए जा रहे निर्माण कार्य को जमींदोज कर दिया। बताया जा रहा है कि इस भूमि पर सूरज सैनी नामक व्यक्ति द्वारा बिना किसी मानचित्र स्वीकृति के प्लॉटिंग की जा रही थी, जो नियमों के विरुद्ध है। जैसे ही प्राधिकरण को इसकी सूचना मिली, तत्काल कार्रवाई की योजना बनाकर टीम को मौके पर भेजा गया।

कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया था। पुलिस की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई शांतिपूर्वक संपन्न कराई गई। अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि जनपद में अवैध निर्माण और प्लॉटिंग को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, संबंधित व्यक्ति द्वारा भूमि पर प्लॉट काटकर बेचे जा रहे थे, जबकि इसके लिए आवश्यक मानचित्र स्वीकृति और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया था। इस प्रकार की अवैध कॉलोनियां न केवल प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन करती हैं, बल्कि भविष्य में खरीदारों के लिए भी बड़ी परेशानी का कारण बनती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बिना स्वीकृति के विकसित की गई कॉलोनियों में न तो मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित होती हैं और न ही कानूनी सुरक्षा मिलती है। ऐसे में निवेश करने वाले लोगों का पैसा फंस जाता है और उन्हें बाद में भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

कार्रवाई के बाद प्राधिकरण ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि जिले में कहीं भी अवैध प्लॉटिंग या निर्माण कार्य किया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने आम जनता, बिल्डरों और प्रॉपर्टी डीलरों को निर्देशित किया है कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले संबंधित विभाग से मानचित्र स्वीकृत अवश्य कराएं।

अधिकारियों ने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी गतिविधियों की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाएगी।

हरिद्वार में अवैध निर्माण के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी है। प्रशासन की इस कार्रवाई से यह साफ संकेत मिल गया है कि नियमों को दरकिनार कर काम करने वालों के खिलाफ अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।

स्थानीय लोगों का भी मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से अवैध कॉलोनियों पर लगाम लगेगी और शहर का सुनियोजित विकास संभव हो सकेगा। वहीं, जिम्मेदार नागरिकों से भी अपील की जा रही है कि वे किसी भी संपत्ति में निवेश करने से पहले उसकी वैधता की पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें।हरिद्वार में चला यह बुलडोजर सिर्फ एक कार्रवाई नहीं, बल्कि एक सख्त संदेश है—“नियम तोड़ोगे, तो निर्माण नहीं बचेगा।”

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